गुलाबी से काले हो रहे फेफड़े

  • February 18, 2019

जागरण संवाददाता, कानपुर : दिन पर दिन बढ़ते वायु प्रदूषण का नुकसानदायक असर सेहत पर नजर आने लगा है। दूषित हवा न सिर्फ सांसों पर भारी हैं, बल्कि फेफड़ों के रंग तक बदल रही है। सामान्य व्यक्ति का फेफड़ा भी स्मोकर्स (धूमपान करने वाले) की तरह काला हो गया है। यह स्थिति पिछले पांच साल से बढ़ती ही जा रही है। यह जानकारी एसोसिएशंस ऑफ सर्जन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार ने दी। वह रविवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में ‘डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर’ पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि आप भले ही बीड़ी, सिगरेट या अन्य तरह का नशा नहीं कर रहे हैं, लेकिन दूषित वायु की वजह से फेफड़े की स्थिति बिगड़ रही हैं। उसमें काले काले धब्बे पड़ने लगे हैं। 30 साल तक के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

स्कूलों के बाहर सबसे अधिक प्रदूषण : डॉ. अरविंद के मुताबिक स्कूलों के आसपास वायु प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है। अभिभावक बच्चों को छोड़ने और लेने के लिए वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। वाहनों के इंजन से हानिकारक गैसें उत्सर्जित होती हैं। यह सीधे बच्चों के फेफड़ों, गले और हृदय को प्रभावित करती हैं। बच्चों में अस्थमा के बढ़ने का कारण हानिकारक गैसें हैं।

तीन साल कम हुई उम्र: लंग केयर फाउंडेशन के ट्रस्टी राजीव खुराना ने बताया कि देश में औसतन लोगों की तीन साल उम्र कम हो गई है। देश भर में हाईवे तो बने हैं, लेकिन सड़क किनारे का हिस्सा कच्चा छोड़ा गया है। वाहनों के गुजरने से धूल उड़ती है।

डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर चैप्टर का गठन : डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर चैप्टर का गठन किया गया। इसके निदेशक डॉ. शिवाकांत मिश्र को बनाया गया है। वह अन्य डॉक्टरों संग मिलकर प्रदूषण के खतरे को रोकने की मुहिम चलाएंगे। केजीएमयू, लखनऊ के डॉ. सूर्यकांत, वाराणसी के डॉ. पंकज श्रीवास्तव को भी जिम्मेदारी सौंपी गई।

सीपीसीबी करती आंकड़ों का खेल :विशेषज्ञों ने बताया कि सीपीसीबी की ओर से आंकड़ों का खेल होता है। प्रदूषण की सही स्थिति नहीं बताई जाती है।

स्वच्छता रखने में करें सहयोग: मुख्य अतिथि महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि शहरवासी स्वच्छता रखने में सहयोग करें। एडीजी अविनाश चंद्र, एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार, आइएमए के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण कटियार, पूर्व सीएमओ डॉ. वीसी रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।

बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में आयोजित सेमिनार में बोलते प्रो. अरविंद कुमार’ जागरण

’>>वायु प्रदूषण के बढ़ते दुष्प्रभाव पर आए चेस्ट सर्जन ने किया मंथन

’>>स्कूल-कॉलेजों के बाहर प्रदूषण का स्तर अधिक, बच्चों पर खतरा

गुलाबी से काले हो रहे फेफड़े
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