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More from Front Page

  • मथुरा में तीन साल के बालक का दिनदहाड़े अपहरण
  • एप से प्रवासी कामगारों को योजनाओं का लाभ, रोजगार
  • सीबीएसई की लंबित परीक्षाएं एक जुलाई से
  • लॉकडाउन के कारण देश बड़ी बेरोजगारी के मुहाने पर
  • ढांचा ढहने के मामले में 31 अगस्त तक फैसला दिया जाए: सुप्रीम कोर्ट
  • दैनिक जागरण फिर बना देश का नं. 1 अखबार
  • ट्रैक पर सोए 16 मजदूर ट्रेन से कटे
  • बढ़ रही है मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार
  • वेबसाइट पर पढ़ें

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  • महाराणा प्रताप की जयंती पर करें मदद
  • अव्यवस्थाओं के मकड़जाल में फंसे क्वारंटाइन सेंटर
  • सुबह से हो जाती है शाम, नहीं आता सामान
  • अब 360 डिग्री पर होगा सेनिटाइजेशन
  • पंकज के परिवार को मिले आर्थिक सहायता, घोषित हों कोरोना योद्धा
  • आगरा में एक्यूआइ रहा 58, स्थिति संतोषजनक
  • 11 को मिलेगा बिना बायोमेटिक के राशन
  • पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी पर अड़े सेनेटरी इंस्पेक्टर

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  • क्वारंटाइन सेंटर में हुई थर्मल स्कैनिंग
  • महिला सिपाही की अबोध बच्ची समेत आठ के सैंपल लिए
  • जेल में बीमार बंदियों की बनी सूची
  • एसएन में मौत के बाद शव के लिए भटक रहे स्वजन
  • अस्थायी जेल के 14 बंदियों का होगा कोरोना टेस्ट
  • एसएन के जूनियर डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि, 701 हुए केस

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  • केंद्रीय मंत्री ने जाना आगरा का हाल
  • हाईवे किनारे फेंका मेडिकल वेस्ट
  • 10 वार्डो में डोर स्टेप, बाकी में ठेल ढकेल कर रहे आपूर्ति
  • लॉकडाउन में संस्कार का संचार करने में जुटा संघ
  • कक्षा में पुलिस ने सीखे फिट रहने के मंत्र
  • जल संस्थान फेल, दो लाख घरों में जलापूíत नहीं

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  • मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ
  • मझले रोजे को कड़ी धूप ने लिया रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान
  • ऑनलाइन क्लास रख रही भविष्य की नींव
  • ई-मेल करें- रंल्लAी5.Aं्रल्लं¬1.Aं¬1ंल्ल.ङ्घे
  • ये जो किनारे हैं, यही मेहमानों के सहारे हैं..
  • 195 अभ्यर्थियों का रुका वेतन, अब बर्खास्तगी की बारी
  • समय के साथ करना होगा बदलाव, तभी मिलेगी सफलता
  • स्वास्थ्य व स्वच्छता को ‘वी अश्योर‘
  • ईद के लिए रखे पैसों से भूखों को खिलाएं खाना
  • पंचवटी परिवार ने की गोसेवा
  • बाजार खुले, तो मिले व्यापार को राहत
  • विजयनगर में अशोक अन्न अमृत केंद्र खुला
  • 38 डिग्री से पार पहुंचा पारा 10 से बदल सकता है मौसम

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  • कैसे फंद कटै जा कोरोना की बीमारी ते..संवाद सूत्र, किरावली : लॉकडाउन में आमजन बुरी तरह त्रस्त हैं। बाहर निकलने पर संक्रमण के खतरे को देख लोग घरों में रहकर अपने को महफूज बनाने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में समय के सदुपयोग के साथ कुछ लोग लॉकडाउन के दौरान अपनी प्रतिभा को निखारने में जुटे हैं।विकास खंड अछनेरा अंतर्गत गांव निनवाया में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अजय सिंह चाहर की धर्मपत्नी गीता सिंह चाहर बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय में एमएड की छात्र हैं। अपने काव्य पाठ और हंिदूी कविताओं के लिए मशहूर गीता लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने के लिए लोगों को अपने लोकगीतों के माध्यम से प्रेरित कर रही हैं। ‘कैसे फंद कटै मेरी बहिना जा कोरोना की बीमारी ते, डर लग रह्यो है महामारी ते..’ को लोग पसंद कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में उनके लोकगीतों को ग्रामीण हाथोंहाथ ले रहे हैं और सराहना कर रहे हैं। गीता सिंह का कहना है कि ब्रज लोकगीत हमारी अमूल्य धरोहर हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम इनसे प्रेरणा लेकर लोगों के भले के लिए कार्य करें।
  • नेकी कर और..खा
  • मजदूरों को छोड़कर लौटते बस चालक की हादसे में मौत
  • रायबरेली जाने वाली ट्रेन से आगरा में ही उतरे
  • मनरेगा के तहत 11 हजार हाथों को रोजगार
  • ठेकोंे से एक दिन में बिक गई 40 लाख की शराब
  • आवेदनों का सत्यापन कर बनाएं राशन कार्ड
  • 250 निजी चिकित्सकों को प्रशिक्षण
  • कार में मिला प्रॉपर्टी डीलर का शव

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  • बेटे को पीट रही पुलिस से भिड़ी महिला की मौत, हंगामा
  • हर मजदूर के हाथ में टिकट मजदूरी से सेठों ने काटे रुपये
  • संवाद सूत्र, नौहझील (मथुरा): कस्बे में शुक्रवार दोपहर बाद एक युवक और पुलिस के बीच तड़का-भड़की हो गई। पुलिस ने युवक को पीटा तो उसकी मां बचाने गई। बीच-बचाव में मां सड़क पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। स्वजन ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा किया। बाजना तिराहा पर महिला का शव रख जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। कस्बे का नरेश शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे बाजना तिराहे पर गया था। तिराहे पर ड्यूटी दे रहे दारोगा सुधीर कुमार और मनेंद्र सिंह से उसकी बहस हो गई। आरोप है कि इस पर पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। तभी नरेश की मां गीता देवी (55) मौके पर पहुंच गईं। दारोगा सुधीर कुमार ने उन्हें लात मार दी।
  • घर जाने को मजदूरों का हंगामा, हाईवे पर जाम
  • उपचार न मिलने से बुजुर्ग की मौत का आरोप

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  • उज्‍जवल भविष्य की कामनाबना रहे सामूहिकता का भाव शीर्षक लेख में डॉ. विजय अग्रवाल ने कोरोना वायरस तथा उसके प्रभाव स्वरूप उपजाई जा रही नकारात्मक स्थितियों का आकलन किया है। हमें यह समझना होगा कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज का अंत, उपन्यास का अंत, लेखक की मृत्यु, इतिहास का अंत अथवा ईश्वर की मृत्यु जैसी घोषणाएं निराशा से आक्रांत पाश्चात्य जगत में ही अधिक सामने आई हैं। भारतीय चिंतन तो सृष्टि के प्रत्येक जीव में सामूहिकता की भावना मानता है। सामूहिकता केवल एक भाव अथवा आवश्यकता ही नहीं है, यह एक सकारात्मक ऊर्जा है जिसके सहारे मानवता यहां तक पहुंची है। वैदिक चिंतन से अनुप्राणित भारत के प्रत्येक नागरिक के डीएनए में ही सामूहिकता है। यह जीवन की एक संरचना मात्र नहीं है, अपितु अपने आप में जीवन ही है। ऋग्वेद का अंतिम सूक्त सामूहिकता का आह्वान करता है-‘सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनासि जानताम्।’ कोरोना संकट स्थाई नहीं है। मानवता ने ऐसे अनेक संकट देखे हैं, उन पर विजय पाई है। गिरिधर के शब्दों में कहें तो-‘बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि लेय’ से प्रेरणा लेकर सुखद एवं उच्च्वल भविष्य की कामना करें।डॉ. वेदप्रकाश, हंसराज कॉलेज, दिल्लीबाहर से लौटने वालों से सतर्कता जरूरीकोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। जिले में इस लॉकडाउन से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद भी मिली है। अन्य जिलों के मुकाबले अब तक सामने आए मामलों से यह बात सही लगती है। यहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम है। उनके ठीक होने की रफ्तार भी बेहतर नजर आ रही है। लेकिन बाहर से लौटकर आने वाले प्रवासियों को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। चिंता यह है कि कहीं बाहर से लौटने वालों में कोई कोरोना संक्रमित इसके फैलाव का सबब न बन जाए। प्रशासन इनकी स्क्रीनिंग तो कर रहा है, परंतु इसके बाद लगातार इनकी निगरानी भी आवश्यक है। क्योंकि बहुत से मामलों में संक्रमण के लक्षण कई-कई दिनों बाद सामने आते हैं। जो बिना किसी को जानकारी दिए गुपचुप लौट आए हैं। ऐसे लोगों की जानकारी कर उन्हें क्वारंटाइन कराया जाना चाहिए। सुरेश तिवारी, करहल रोड, मैनपुरीरेलवे किराये पर ओछी राजनीति कोविड-19 में मददगार आरोग्य सेतु एप तक का विरोध करने वाली कांग्रेस कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी ओछी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने व्यवस्था की है। मजदूरों से किराया लेने के बजाय 85 फीसद केंद्र तथा 15 फीसद राज्य सरकारों को वहन करना तय हुआ था। लेकिन ओछी राजनीति करते हुए कांग्रेस ने रेलवे पर मजदूरों से किराया लेने का आरोप लगाते हुए सारे मजदूरों का किराया पार्टी द्वारा देने का एलान कर दिया। उस पर भी तुर्रा ये कि मजदूरों से किराया कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल द्वारा ही वसूला गया। रेलवे ने तत्काल इसका खंडन किया। स्पष्ट किया कि मजदूरों से किराया लेने का कोई निर्देश नहीं दिया गया। कांग्रेस की कलई खुल गई।सुनील कुमार शर्मा, आगरा
  • भारत को नीचा दिखाने वाला सर्वेक्षण
  • धैर्य खो रहा विपक्षमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष राम गो¨वद चौधरी को पत्र लिखकर सही नसीहत दी है कि यदि वह कोरोना नियंत्रण मुहिम में जुटे तंत्र का मनोबल नहीं बढ़ा सकते तो कम से कम निर्थक आरोप लगाकर मनोबल गिराना तो नहीं चाहिए। आसार कम ही हैं कि चौधरी और अन्य विपक्षी नेता इस नसीहत का ध्यान रखेंगे, पर विपक्ष को याद रखना चाहिए कि कोरोना संकट वैश्विक आपदा है। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, पर जहां तक इस आपदा से निपटने का सवाल है, योगी आदित्यनाथ के विजन, प्रबंधन और क्रियान्वयन की सराहना पूरी दुनिया में की जा रही है। उत्तर प्रदेश का भौगालिक और जनसांख्यिक विस्तार अधिकतर देशों से अधिक है। इतने बड़े भूभाग और जनसंख्या को कोरोना संकट से यथासंभव महफूज रखने का प्रबंधन आसान नहीं है। योगी सरकार ने बहुत व्यवस्थित तरीके से इसे करके दिखाया। मुख्यमंत्री की शायद यही उपलब्धि विपक्ष को बेचैन कर रही है। विपक्षी दल जिस तरह कभी श्रमिकों, तो कभी कोई अन्य सवाल उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, उसे आम आदमी भी पसंद नहीं कर रहा होगा। वजह है कि केारोनाकाल में सरकार ने न सिर्फ अन्य राज्यों में फंसे छात्रों और श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई बल्कि लाखों परिवारों को खाना, राशन और पैसा भी पहुंचाया। बेशक इतने बड़े अभियान में कुछ गड़बड़ियां रह गई होंगी, कुछ लोग सहायता पाने से वंचित रह गए होंगे, पर ऐसी छोटी बातों को तूल देकर सरकार की पूरी कवायद को खारिज कर देना उचित नहीं है। कोरोना राजनीति नहीं बल्कि योगदान करने का विषय है। विपक्षी दलों को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि जिस अभियान में सरकार के अलावा छोटे-बड़े उद्यमी, व्यवसायी, दुकानदार, गरीब किसान, मजदूर, बच्चे, शिक्षक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी और अन्य सामाजिक वर्गो के लोग अपनी स्थिति के हिसाब से योगदान कर रहे हैं, उसमें उन्होंने क्या योगदान किया? कोरोना संकट से घिरे लोगों से यह बात छिपी नहीं है कि कौन उनकी मदद कर रहा और कौन राजनीति। मौका मिलने पर लोग जवाब भी देंगे।
  • क्या मैं अपनी तपिश और बढ़ाऊं तो राहत मिलेगी?
  • असफलता सफलता की ट्यूशन फीस है
  • आर्थिक मुख्यधारा का हिस्सा बनें मजदूर

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  • 69000 शिक्षक भर्ती की उत्तर कुंजी जारी
  • बच्चों का सुरक्षा कवच बन रहा ड्राईफ्रूट्स व प्रोटीन
  • कोरोना से जंग
  • अलीगढ़ में खुलेगी कोरोना की जांच लैब
  • बैंकों की मनमानी रोकने को बनेगी उच्च स्तरीय समिति : सारंगी
  • सहारनपुर में पुलिस टीम पर हमला
  • प्रवासी श्रमिकों को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ें
  • ऐसे खिलाएं ड्राईफ्रूट्सलोहिया संस्थान के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके यादव कहते हैं कि जो बच्चे सीधे ड्राईफ्रूट्स खा सकते हैं उन्हें डायरेक्ट ही दें। इसके अलावा भिगोकर भी कुछ बच्चे खाना पसंद करते हैं। जो बच्चे इन दोनों रूप में ड्राईफ्रूट्स न ले सकें, उन्हें हलवा, खीर, दूध, दलिया, देसी घी का लड्डू इत्यादि में मिलाकर खिलाएं। इससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ उनका शारीरिक व बौद्धिक विकास तेजी से होता है। बच्चों को दूध पिलाने से बेहतर है कि उसे दलिया, खीर इत्यादि फॉर्म में दें।

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  • शेयर बाजारों को रिलायंस का दम
  • जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक के बाद एक और बड़ा निवेश
  • जापान ने मांगी कंपनियों के संचालन में मदद
  • खबरें एक मिनट में
  • तीस मुस्लिम परिवारों ने की हंिदूू धर्म में वापसी
  • मुसलमानों ने संघ को बताया सच्चा मददगार
  • दिल्ली में कार्यरत डॉक्टरों व स्वास्थ्यकíमयों की नो एंट्री मामले में प्रशासन का यू-टर्न
  • ‘पैकेज में देरी से बेरोजगारी की आएगी सुनामी’
  • एनजीटी ने एलजी पॉलीमर्स पर ठोका 50 करोड़ जुर्माना
  • ममता के लिखे ‘कोरोना गीत’ गाने के आदेश को लेकर हंगामा
  • राहत पैकेज के इंतजार में टूट रहा सब्र
  • लॉकडाउन में दिखा दी कोयले की ढुलाई, जीएसटी टीम का छापा

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  • ऑनलाइन होगी एलसैट प्रवेश परीक्षा
  • शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट
  • भारत की पहली जीत
  • बत्र का कार्यकाल बढ़ा
  • भारतीय टीम के क्वारंटाइन के लिए तैयार बीसीसीआइ
  • द. कोरिया में शुरू हुई फुटबॉल लीग
  • रितिक रोशन की मुरीद हैं सारा अली खान
  • पाक ने फिर की गोलाबारी भारत ने ढेर किए चार सैनिक
  • चीन सीमा तक सड़क तैयार, कैलास मानसरोवर यात्र हुई आसान
  • भले मर जाएं पर मुफ्तखोरी हमें मंजूर नहीं..
  • पंजाब में गिरा मिग-29, पायलट सुरक्षित

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  • चीन से कोई बड़ी गलती हुई या फिर वह अक्षम है: ट्रंप
  • इस गांव के खून से समृद्ध एम्स का ब्लड बैंक
  • हरिद्वार में गंगा में अस्थि विसर्जन की सशर्त अनुमति
  • कोविड-19 से मुकाबले के लिए दो दवाओं के ट्रायल को मंजूरी
  • महाराष्ट्र में तीसरे दिन एक हजार से ज्यादा नए मामले
  • दूसरे चरण में रूस, यूक्रेन से लाए जाएंगे भारतीय
  • वैदिक मंत्रों से गूंजा व्हाइट हाउस
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