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  • ढांचा ढहने के मामले में 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी कर फैसला दिया जाए
  • एप से प्रवासी कामगारों को योजनाओं का लाभ, रोजगार
  • अवध में चार और संक्रमित मिले
  • लॉकडाउन के कारण देश बड़ी बेरोजगारी के मुहाने पर
  • दैनिक जागरण फिर बना देश का नं. 1 अखबार
  • सीबीएसई की लंबित परीक्षाएं एक जुलाई से
  • बढ़ रही है मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार
  • ट्रेन से कटकर 16 मजदूरों की मौत
  • वेबसाइट पर पढ़ें

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  • तेंदुए के हमले में दो लोग घायल
  • देवी प्रतिमा क्षतिग्रस्त गांव में पुलिस तैनात
  • मारपीट में 14 घायल
  • मिट रहीं दूरियां, ताजा हो रहीं पुरानी यादें
  • जमुनहा बाजार बंद, प्रतापपुर गांव सील
  • मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी व दो बदमाश घायल
  • संदिग्ध निकला कोरोना पॉजिटिव,भेजा गया कोविड अस्पताल
  • खुली कोर्ट, स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश

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  • लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे मुकेश
  • बच्चों की ऑनलाइन, मम्मी-पापा की ऑफलाइन क्लास
  • महिलाओं ने संभाला कम्युनिटी किचन का जिम्मा
  • घटतौली पर उचित दर की दुकान निलंबित
  • बड़ोदरा, साबरमती से पहुंचे 3978 प्रवासी कामगार
  • अपने घर लौटकर बुन रहे भविष्य के सपने
  • मदद के लिए जुटे रेडक्रॉस के स्वयंसेवी
  • नहीं बढ़े परीक्षक, 15272 पुस्तिकाओं का हुआ एक दिन में मूल्यांकन
  • बच्चे अब कर सकेंगे 24 मई तक आवेदन
  • सुसाइड नोट लिखकर गायब हुआ युवक
  • खबरें एक मिनट में
  • छात्रों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के मिलेंगे टिप्स

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  • तू कितनी अच्छी है ..
  • गोहत्या से खफा विधायक ने शासन को लिखा पत्र
  • यात्र के बाद बुखार आना, सांस फूलना कोरोना का अलार्म

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  • सूबे के अस्थायी जेलों में पहुंचे 245 विदेशी जमाती
  • प्रवासी श्रमिकों को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ें: मुख्यमंत्री
  • छह जुलाई से शुरू होगा विवि और कॉलेजों में नया सत्र
  • भाजपा को पूंजीपतियों के हितों की चिंता: अखिलेश
  • ऑरेंज जोन में भी 12 मई से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन
  • ईद के लिए रखे पैसों से भूखों को खिलाएं खाना
  • बिना तैयारी लॉकडाउन से बिगड़े हालात: मायावती
  • ग्राम रोजगार सेवकों के बकाया 225 करोड़ रुपये 12 मई को मिलेंगे

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  • उज्‍जवल भविष्य की कामनाबना रहे सामूहिकता का भाव शीर्षक लेख में डॉ. विजय अग्रवाल ने कोरोना वायरस तथा उसके प्रभाव स्वरूप उपजाई जा रही नकारात्मक स्थितियों का आकलन किया है। हमें यह समझना होगा कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज का अंत, उपन्यास का अंत, लेखक की मृत्यु, इतिहास का अंत अथवा ईश्वर की मृत्यु जैसी घोषणाएं निराशा से आक्रांत पाश्चात्य जगत में ही अधिक सामने आई हैं। भारतीय चिंतन तो सृष्टि के प्रत्येक जीव में सामूहिकता की भावना मानता है। सामूहिकता केवल एक भाव अथवा आवश्यकता ही नहीं है, यह एक सकारात्मक ऊर्जा है जिसके सहारे मानवता यहां तक पहुंची है। वैदिक चिंतन से अनुप्राणित भारत के प्रत्येक नागरिक के डीएनए में ही सामूहिकता है। यह जीवन की एक संरचना मात्र नहीं है, अपितु अपने आप में जीवन ही है। ऋग्वेद का अंतिम सूक्त सामूहिकता का आह्वान करता है-‘सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनासि जानताम्।’ कोरोना संकट स्थाई नहीं है। मानवता ने ऐसे अनेक संकट देखे हैं, उन पर विजय पाई है। गिरिधर के शब्दों में कहें तो-‘बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि लेय’ से प्रेरणा लेकर सुखद एवं उच्च्वल भविष्य की कामना करें।डॉ. वेदप्रकाश, हंसराज कॉलेज, दिल्लीआदतें बदलने का समयपानी, खाद्य पदार्थ, ऊर्जा, समय और पैसा बचाने से ही भारत की विकास दर दोगुनी तक बढ़ने की संभावना है। आज कोरोना संग्राम के संकट में देश को ताकत देने का दायित्व सभी नागरिकों का है। पानी, खाने की चीजें, धन, उर्जा और समय को बचाया जा सके तो निश्चय ही जीडीपी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ये पांच तत्व (हमारे कार्यक्रम के अनुसार) बड़ी मात्र में व्यर्थ हो रहे हैं। जल का दोहन और बर्बादी को जगह जगह देखा जा सकता है। खाने के सामान की बर्बादी भी सर्वविदित है। धन और समय खूब उड़ाया जाता है। ऊर्जा का दुरुपयोग घर-घर की बात है। यह सब अगर हम रोक सकें तो विकास का रथ दो गुनी गति से दौड़ने लगेगा। इसलिए इस बचत कार्य को प्रसारित करना चाहिए। आज के वक्त में यह सबसे आवश्यक है कि हम अपनी आदतों और व्यवहार में तेजी से बदलाव करें, जिससे अर्थव्यवस्था सहित अपने समाज को भी गर्त में जाने से बचाया जा सके।डॉ. राघवेन्द्र शुक्ल, लखनऊव्यवहार में बदलाव की जरूरतपिछले कई लेखों में मैंने पाया कि कोरोना संकट के बाद के मानव की प्रकृति व स्वभाव के बारे में लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि इस संकट के बाद निश्चित रूप से मानव स्वभाव बदल जाएगा, लेकिन हाल ही में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देख कर तमाम अनुमान गर्त में चले गए हैं। इस गंभीर स्थिति में भी इस प्रकार लापरवाही करके पिछले लगभग 40 दिनों के लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। हमें केवल सरकार के भरोसे न बैठकर खुद भी सहयोग करने की जरूरत है। समय-समय पर जिस लापरवाही का परिचय हम देते जा रहे हैं, उससे स्थिति और भयावह हो जाएगी। हमें यह भी समझना होगा कि जब तक हमारे व्यवहार में बदलाव नहीं आयेगा तब तक इस स्थिति में बदलाव नहीं आएगा। शुभम सिंह, रायबरेली
  • भारत को नीचा दिखाने वाला सर्वेक्षण
  • क्या मैं अपनी तपिश और बढ़ाऊं तो राहत मिलेगी?
  • धैर्य खो रहा विपक्षमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष राम गो¨वद चौधरी को पत्र लिखकर सही नसीहत दी है कि यदि वह कोरोना नियंत्रण मुहिम में जुटे तंत्र का मनोबल नहीं बढ़ा सकते तो कम से कम निर्थक आरोप लगाकर मनोबल गिराना तो नहीं चाहिए। आसार कम ही हैं कि चौधरी और अन्य विपक्षी नेता इस नसीहत का ध्यान रखेंगे, पर विपक्ष को याद रखना चाहिए कि कोरोना संकट वैश्विक आपदा है। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, पर जहां तक इस आपदा से निपटने का सवाल है, योगी आदित्यनाथ के विजन, प्रबंधन और क्रियान्वयन की सराहना पूरी दुनिया में की जा रही है। उत्तर प्रदेश का भौगालिक और जनसांख्यिक विस्तार अधिकतर देशों से अधिक है। इतने बड़े भूभाग और जनसंख्या को कोरोना संकट से यथासंभव महफूज रखने का प्रबंधन आसान नहीं है। योगी सरकार ने बहुत व्यवस्थित तरीके से इसे करके दिखाया। मुख्यमंत्री की शायद यही उपलब्धि विपक्ष को बेचैन कर रही है। विपक्षी दल जिस तरह कभी श्रमिकों, तो कभी कोई अन्य सवाल उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, उसे आम आदमी भी पसंद नहीं कर रहा होगा। वजह है कि केारोनाकाल में सरकार ने न सिर्फ अन्य राज्यों में फंसे छात्रों और श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई बल्कि लाखों परिवारों को खाना, राशन और पैसा भी पहुंचाया। बेशक इतने बड़े अभियान में कुछ गड़बड़ियां रह गई होंगी, कुछ लोग सहायता पाने से वंचित रह गए होंगे, पर ऐसी छोटी बातों को तूल देकर सरकार की पूरी कवायद को खारिज कर देना उचित नहीं है। कोरोना राजनीति नहीं बल्कि योगदान करने का विषय है। विपक्षी दलों को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि जिस अभियान में सरकार के अलावा छोटे-बड़े उद्यमी, व्यवसायी, दुकानदार, गरीब किसान, मजदूर, बच्चे, शिक्षक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी और अन्य सामाजिक वर्गो के लोग अपनी स्थिति के हिसाब से योगदान कर रहे हैं, उसमें उन्होंने क्या योगदान किया? कोरोना संकट से घिरे लोगों से यह बात छिपी नहीं है कि कौन उनकी मदद कर रहा और कौन राजनीति। मौका मिलने पर लोग जवाब भी देंगे।
  • असफलता सफलता की ट्यूशन फीस है
  • आर्थिक मुख्यधारा का हिस्सा बनें मजदूर

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  • देश में छोटी कंपनियां ही बनेंगी इकोनॉमी की खेवनहार: सिडबी
  • ईपीई पर जाम लगा कामगारों का हंगामा
  • श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दिया बेटी को जन्म
  • बुजुर्ग दंपती की सालगिरह पर केक लेकर पहुंची पुलिस
  • शाहजहांपुर जेल में बंदी बना रहे पीपीई किट
  • वेणी माधव मंदिर में समाधि के खिलाफ जनहित याचिका
  • औरतों के सोशल अकाउंट में क्यों झांक रहे लोग : हसीन जहां
  • लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस पर हमला
  • 69000 शिक्षक भर्ती की उत्तरकुंजी जारी, रिजल्ट जल्द आने की उम्मीद
  • जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक के बाद एक और बड़ा निवेश
  • जापान ने मांगी कंपनियों के संचालन में मदद
  • शेयर बाजारों को रिलायंस का दम
  • राहत पैकेज के इंतजार में टूट रहा सब्र

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  • नव्या के स्नातक होने पर बिग बी को उनमें नजर आईं श्वेता
  • सर्वे कर रही टीम का रजिस्टर फाड़ा अभद्रता की
  • घाटी में तीसरे दिन भी तनाव पथराव में डीएसपी घायल
  • भारतीय महिला अंडर-17 फुटबॉल टीम की फिटनेस बेहतर : कोच
  • द. कोरिया में शुरू हुई फुटबॉल लीग
  • दो रुपये की टिक्की वाला सुख पांच करोड़ की गाड़ी में नहीं मिलता : कपिल शर्मा
  • भारतीय टीम के क्वारंटाइन के लिए तैयार: बीसीसीआइ
  • मप्र से आ रहे कामगारों का बागपत बॉर्डर पर हंगामा
  • टूटा था गेस्ट हाउस का दरवाजा रातों में जागकर देते रहे हम पहरा
  • आधुनिक होंगे वायुसेना, नौसेना व कोस्ट गार्ड के 37 हवाई अड्डे

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  • पहली बार ऑनलाइन होगी एलसैट प्रवेश परीक्षा
  • चीन में बेटे ने मां को जिंदा दफनाया, तीन दिन बाद बचाया गया
  • चीन से कोई बड़ी गलती हुई या फिर वह अक्षम है: ट्रंप
  • दूसरे शुक्रवार को भी सूनी रही जामा मस्जिद
  • पत्रकार के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
  • शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट
  • कैलास मानसरोवर यात्र हुई आसान चीन सीमा तक सड़क तैयार
  • ममता के लिखे ‘कोरोना गीत’ गाने के आदेश को लेकर हंगामा
  • एनजीटी ने एलजी पॉलीमर्स पर ठोका 50 करोड़ जुर्माना
  • भले मर जाएं पर मुफ्तखोरी हमें मंजूर नहीं..
  • पंजाब में गिरा मिग-29, पायलट सुरक्षित

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  • पाकिस्तान ने जब्त की अफगान तालिबान प्रमुख की संपत्ति
  • इस गांव के खून से समृद्ध एम्स का ब्लड बैंक
  • सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए एसिम्प्टोमैटिक लोगों की होगी जांच
  • कोरोना से फैल रही नफरत की सुनामी पर यूएन ने जताई चिंता
  • हरिद्वार में गंगा में अस्थि विसर्जन की सशर्त अनुमति
  • मेक्सिको में एक दिन में सबसे ज्यादा 257 मौतें
  • अगले सप्ताह तक विदेश में फंसे 15,000 भारतीय स्वदेश लौटेंगे
  • वैदिक मंत्रों से गूंजा व्हाइट हाउस
  • द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने के 75 साल
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