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More from Front Page

  • आकाशवाणी व दूरदर्शन भी देंगे गिलगिट के मौसम की जानकारी
  • प्रवासी श्रमिकों को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ें
  • शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार करे सरकार
  • दैनिक जागरण फिर बना देश का नं. 1 अखबार
  • सीबीएसई की लंबित परीक्षाएं एक जुलाई से
  • सरकार ने कहा-कोरोना संग जीना होगा
  • ब्यूटी पार्लर संचालिका की ईंट से सिर कूंचकर हत्या
  • ट्रैक पर सोए 16 मजदूर ट्रेन से कटे
  • कैलास मानसरोवर यात्र हुई आसान, चीन सीमा तक सड़क तैयार

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  • अब युवा पुलिसकर्मी थाने की बजाए फील्ड में नजर आएंगे
  • कोरोना से जंग में काम आएगी रोगों से लड़ने की ताकत
  • शारीरिक दूरी बनाए रखना जरूरी
  • कोरोना की रोकथाम में अखबार ने की पहल
  • पांच पहले सही जवाब देने वाले
  • ताकि लॉकडाउन में भी बनी रहे आंखों की स्मार्टनेस
  • तू कितनी अच्छी है ..
  • लॉकडाउन में इलाज का कारगर जरिया बनी टेली मेडिसिन
  • आज ऑनलाइन मनेगी महाराणा प्रताप की जयंती
  • अब 14 दिन बाद क्वारंटाइन होंगे कोरोना योद्धा

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  • 10 अस्पताल व दो पैथोलॉजी को नोटिस
  • प्रश्न पहर में आज सवालों का जवाब देंगे डीआइजी
  • अब सबके मोबाइल में अनिवार्य होगा आरोग्य सेतु एप
  • अन्य सेक्टरों को फिलहाल छूट नहीं
  • धारदार हथियार से गला रेतकर नानी की हत्या
  • कार्यस्थल से दूर रखे जाएं खतरनाक रसायन
  • होम क्वारंटाइन पर नजर रखेगी सर्विलांस कमेटी
  • लुधियाना से 981 प्रवासियों को लेकर पहुंची श्रमिक एक्सप्रेस

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  • ग्रामीणों की नहीं होगी गिरफ्तारी: शीतल पांडेय
  • डीपीआरओ ने किया शौचालयों का निरीक्षण
  • जेब खर्च से छात्रों ने राहगीरों को कराया भोजन
  • सहजनवां में 190 दुकानों को खोलने की अनुमति
  • दुरूस्त करें व्यवस्था, बाहरी पर रखें नजर
  • निर्माण में मानक का पालन करें ठीकेदार

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  • सेवा के नाम पर खा रहे मेवा
  • ईद के लिए रखे पैसों से भूखों को खिलाएं खाना
  • बांसगांव में गाय चराने गई बालिका से दुष्कर्म
  • रसोई गैस सिलेंडर फटने से टिन शेड मकान जला
  • मारपीट में घायल को ठेले से ले जाना पड़ा अस्पताल
  • सहबाला व समधी को पुलिस ने लौटाया
  • मस्जिदों से अजान, घरों में हुई नमाज

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  • उज्‍जवल भविष्य की कामनाबना रहे सामूहिकता का भाव शीर्षक लेख में डॉ. विजय अग्रवाल ने कोरोना वायरस तथा उसके प्रभाव स्वरूप उपजाई जा रही नकारात्मक स्थितियों का आकलन किया है। हमें यह समझना होगा कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज का अंत, उपन्यास का अंत, लेखक की मृत्यु, इतिहास का अंत अथवा ईश्वर की मृत्यु जैसी घोषणाएं निराशा से आक्रांत पाश्चात्य जगत में ही अधिक सामने आई हैं। भारतीय चिंतन तो सृष्टि के प्रत्येक जीव में सामूहिकता की भावना मानता है। सामूहिकता केवल एक भाव अथवा आवश्यकता ही नहीं है, यह एक सकारात्मक ऊर्जा है जिसके सहारे मानवता यहां तक पहुंची है। वैदिक चिंतन से अनुप्राणित भारत के प्रत्येक नागरिक के डीएनए में ही सामूहिकता है। यह जीवन की एक संरचना मात्र नहीं है, अपितु अपने आप में जीवन ही है। ऋग्वेद का अंतिम सूक्त सामूहिकता का आह्वान करता है-‘सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनासि जानताम्।’ कोरोना संकट स्थाई नहीं है। मानवता ने ऐसे अनेक संकट देखे हैं, उन पर विजय पाई है। गिरिधर के शब्दों में कहें तो-‘बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि लेय’ से प्रेरणा लेकर सुखद एवं उच्च्वल भविष्य की कामना करें।डॉ. वेदप्रकाश, हंसराज कॉलेज, दिल्लीमहिलाओं की सुरक्षा को सरकार उठाए कदमदेश में महिला सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। आए दिन हो रही घटनाओं को देख कर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हर क्षेत्र में महिलाएं पुरूषों से कदमताल कर रहीं है। किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। वो चाहे सरकारी कार्यालय हो या बात आसमान छूने की। मगर फिर भी महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। दुष्कर्म, हत्या जैसी घटनाओं से महिलाएं अकेले में बाहर निकलने से डरती हैं। सरकार को चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुरक्षित माहौल का सृजन करें। ताकि महिलाएं भी अपने आप सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके लिए सरकार को जो महिला सुरक्षा के लिए कानून बनाया है उसका शक्ति से पालन कराए। तब जाकर महिलाएं आपने आपको सुरक्षित महसूस करेंगी। छोटू, बभनगांवा,बस्ती।मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का करें पालनकोरोना वायरस से हर कोई परेशान है। वर्तमान समय में इससे अनेकों लोग काल के गाल में समा रहे हैं। इससे बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है। संक्रमण के हालात तेजी से बदल रहे हैं। नए मामले आ रहे हैं तो ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को घर में व बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग व शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए। एडवाइजरी जारी होने के बाद भी अभी भी कुछ लोग लापरवाही बरत रहे हैं। लॉकडाउन का पालन करते हुए औरों को भी इसके लिए जागरूक करना होगा। चंद्रभूषण पांडेय, भरवलिया पांडेय, संत कबीरनगर संक्रमण फैलने का डरलॉकडाउन में अन्य प्रदेशों से लोग भागकर अपने घरों को आ रहे हैं। इनको होम क्वारंटाइन करने के लिए जांच करके छोड़ दिया जा रहा हैं। यह लोग घर आने के बाद परिवार में घुल मिलकर रहते और बाहर घूमते हैं। इससे गांवों में संक्रमण फैलने का डर बना रहता हैं। पूरा गांव भय के साये में रहता हैं। सरकार को चाहिए कि इन्हें पहले की तरह क्वारंटाइन सेंटर में रखें और 14 दिन के बाद छोड़ें। मनोज प्रभाकर, बुकनिहा खालसा, सिद्धार्थनगर
  • भारत को नीचा दिखाने वाला सर्वेक्षण
  • उपेक्षा का दुष्परिणाममहाराष्ट्र के औरंगाबाद में पैदल अपने घर जाने को निकले मजदूरों की मालगाड़ी से कुचल कर मौत मन-मस्तिष्क को झकझोर देने वाला हादसा है। यह हादसा केवल इसलिए नहीं हुआ कि थके-हारे मजदूरों ने रेल पटरियों पर सोने की गलती की, बल्कि इसलिए भी हुआ कि कोई यह देखने-सुनने वाला नहीं था कि आखिर वे पैदल सफर करने को क्यों मजबूर हुए? किसी को उन्हें पैदल जाते देखकर रोकना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। यह संभव नहीं कि महाराष्ट्र के शासन-प्रशासन के लोगों ने इन अभागे मजदूरों को पैदल जाते देखा न हो। साधनहीन मजदूरों की दीन दशा देखकर भी उनकी अनदेखी करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उन कारणों की तह तक जाने की जरूरत है जिनके चलते श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की घोषणा के बाद भी मजदूर पैदल ही अपने गांव-घर के लिए निकल ले रहे हैं। समस्या केवल यह नहीं है कि महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में रह रहे मजदूर ही पैदल अपने गावों के लिए कूच कर रहे हैं, बल्कि यह भी है कि अन्य राज्यों में रह रहे कामगार भी ऐसा करने को मजबूर हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि मजदूरों को उनके गांव पहुंचाने की जो व्यवस्था की गई है उसमें कोई खोट है? आखिर क्या कारण है कि आए दिन ऐसे समाचार आ रहे हैं कि प्रमुख औद्योगिक शहरों में रह रहे मजदूर अपने गांव जाने की मांग को लेकर सड़कों पर निकल आ रहे हैं? इससे संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता कि कुछ राज्य बाहरी मजदूरों से रुकने का आग्रह कर रहे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि उनके खाने-रहने की उचित व्यवस्था की जाए। यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि अनेक स्थानों पर यह व्यवस्था संतोषजनक नहीं। यह आवश्यक ही नहीं, अनिवार्य है कि जिन भी राज्यों से मजदूर पैदल अपने गांव जाने के लिए निकल ले रहे हैं उन्हें जवाबदेह बनाया जाए। आखिर जब देश के कई हिस्सों से ऐसे समाचार आ रहे हैं कि मजदूर कोई साधन-सवारी न मिलने पर पैदल ही रास्ता नाप रहे हैं तब फिर संबंधित राज्य सरकारों को अपने जिला प्रशासन को ऐसे आदेश-निर्देश जारी करने में क्या कठिनाई है कि वे जहां भी पैदल जाते दिखें उन्हें रोककर उचित तरीके से उनके शहर भिजवाने की व्यवस्था की जाए? यह सही है कि अनिश्चित भविष्य को देखते हुए मजदूर अपने गांव-घर जाने को लेकर बेचैन हो रहे हैं, लेकिन इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती कि इस बेचैनी की एक वजह उनकी उपेक्षा भी है। यह उपेक्षा यही बताती है कि राज्य सरकारें अपने वायदे पर खरी नहीं उतर पा रही हैं।
  • आर्थिक मुख्यधारा का हिस्सा बनें मजदूर

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  • विश्वविद्यालय व कॉलेजों में नया सत्र छह जुलाई से
  • 69000 शिक्षक भर्ती की उत्तरकुंजी जारी
  • आरेंज जोन में भी 12 से होगा मूल्यांकन
  • एप से प्रवासी कामगारों को रोजगार भी
  • श्रम कानूनों से राहत बढ़ाएगी कारोबार व रोजगार
  • पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन पर शोक
  • सूबे की एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी सहयोग देगा डेनमार्क
  • कारखानों में रोज 12 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे कामगार
  • आचार्य की सींची सरस्वती को छूकर निकली थी ‘मधुशाला’
  • कोरोना वायरस से पांच लोगों की मौत

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  • वायुसेना, नौसेना व कोस्ट गार्ड के 37 हवाई अड्डों का होगा आधुनिकीकरण
  • इस गांव के खून से समृद्ध एम्स का ब्लड बैंक
  • घूमने लगे उद्योगों के पहिये, मजदूरों को रोकने में जुटे कारोबारी
  • 31 अगस्त तक आए ढांचा ध्वंस मामले पर फैसला
  • जापान ने मांगी कंपनियों के संचालन में मदद
  • खबरें एक मिनट में
  • जियो प्लेटफॉर्म्स में एक और बड़ा निवेश
  • देश बड़ी बेरोजगारी के मुहाने पर खड़ा
  • शेयर बाजारों को रिलायंस का दम
  • पैकेज के इंतजार में टूट रहा सब्र
  • महाराष्ट्र में एक हजार से ज्यादा नए मामले
  • स्थगित ईएमआइ पर ब्याज के खिलाफ याचिका पर आरबीआइ से जवाब तलब
  • बेरोजगारी की आएगी सुनामी: राहुल
  • पाक ने फिर की गोलाबारी, भारत ने ढेर किए चार सैनिक
  • मुसलमानों की बदल गई धारणा संघ को बताया सच्चा मददगार
  • बर्फीले पहाड़ पर फंसे वायुसेना के हेलीकॉप्टर क्रू को बचाया

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  • शुक्रिया पीएम मोदी, जो मुङो ईद जैसी खुशियां दीं
  • पंजाब में खेतों में जा गिरा मिग-29, पायलट सुरक्षित
  • भारतीय टीम के क्वारंटाइन के लिए तैयार बीसीसीआइ
  • द. कोरिया में शुरू हुई फुटबॉल लीग
  • भारत की पहली जीत
  • उप्र में कामगारों का हंगामा
  • खबरें एक मिनट में
  • हरिद्वार में गंगा में अस्थि विसर्जन की सशर्त अनुमति
  • चार चचेरे भाइयों और चाचा-भतीजा समेत नौ की मौत से अंतौली में मातम
  • आज के प्रमुख टीवी कार्यक्रम

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  • सिंगापुर से 255 लोगों को लेकर लौटा विमान
  • वैदिक मंत्रों से गूंजा व्हाइट हाउस
  • कोविड-19 संकट: बड़ी समस्या बनते बड़े राज्य
  • स्वच्छता से आधा हो सकता है संक्रमण का खतरा
  • हांगकांग के विधानपरिषद में हाथापाई
  • चीन से कोई बड़ी गलती हुई या फिर वह अक्षम है: ट्रंप
  • स्पेन में समुद्र तटों पर जाने की इजाजत
  • एलजी पॉलीमर्स पर 50 करोड़ जुर्माना
  • भले मर जाएं पर मुफ्तखोरी हमें मंजूर नहीं
  • हरियाणा में तीस मुस्लिम परिवार हंिदूू धर्म में लौटे
  • मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बिल्ला गिरफ्तार
  • वुहान मार्केट की रही कोरोना फैलाने में भूमिका
  • मई के अंत तक किफायती पेपर किट से जांच
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