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More from Front Page

  • आरेंज जोन में भी 12 से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन
  • एप से प्रवासी कामगारों को योजनाओं का मिलेगा लाभ
  • उत्तरकुंजी जारी, रिजल्ट में टालमटोल
  • दैनिक जागरण फिर बना देश का नं. 1 अखबार
  • सीबीएसई की लंबित परीक्षाएं एक जुलाई से
  • पहली बार ऑनलाइन होगी एलसैट प्रवेश परीक्षा
  • ट्रेन से कटकर मप्र के 16 मजदूरों की मौत
  • देश में मरीजों का रिकवरी रेट तीस प्रतिशत तक पहुंचा
  • कैलास मानसरोवर यात्र हुई आसान, चीन सीमा तक सड़क तैयार
  • इस गांव के खून से समृद्ध एम्स का ब्लड बैंकहिसार : दिल्ली से सटा होलंबी कलां गांव एम्स को बीते 18 सालों से रक्तदान कर रहा है। जब भी आवश्यकता होती है एक अपील पर जुट जाते हैं गांव वाले। कोरोना के दौर में तीन बार कर चुके हैं रक्तदान। ’पेज 07।

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  • ऑनलाइन कक्षाओं में ढिलाई से डीआइओएस खफा
  • दवा लेने निकले बीमार व्यक्ति की बाइक सीज
  • विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान
  • ऑनलाइन पेंटिंग में कविता अव्वल
  • ईद के लिए रखे पैसों से भूखों को खिलाएं खाना
  • आम तोड़ने को लेकर दो पक्षों में मारपीट
  • पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, दर्जन भर हिरासत में
  • जिला अदालत में लगी सात कोर्ट, वादों का निस्तारण
  • पिता का शव लेकर घर आया बेटा, गांव में मचा कोहराम
  • जमीन के विवाद में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या

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  • स्पेशल ट्रेन से आए सूरत के श्रमिक, भेजे गए घर
  • नौ घंटे चली चेकिंग, तीन सौ का चालान
  • थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान भागा युवक
  • 54 लाख का नहीं हो सका सदुपयोग
  • क्वारंटाइन सेंटर की जांच करने पहुंचे अधिकारी

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  • पति समेत पांच लोगों पर दहेज हत्या का मुकदमा
  • किशोरी ने खाया जहर, हालत गंभीर
  • घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत
  • पुरानी रंजिश में चलाईं गोलियां, तीन घायल
  • पिकअप पलटने से 27 श्रमिक घायल, हंगामा
  • मनरेगा: सिंचाई नाली निर्माण में लाखों का गड़बड़झाला

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  • मैसूर से लौटे 22 विद्यार्थी रहेंगे होम क्वारंटाइन
  • मुंबई में संक्रमित युवक का भाई कौशांबी में क्वारंटाइन
  • खत्म हो गईं बफर जोन की बंदिशें, अब मिलेगी राहत
  • होम क्वारंटाइन अवधि में नियमों का उल्लंघन किया तो होगा मुकदमा
  • तू कितनी अच्छी है ..
  • बैंड न बाराती, मास्क लगा एक दूजे के हुए जीवनसाथी
  • होमवर्क पूरा कर वाट्स एप ग्रुप में कर रहे सबमिट

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  • कोरोना संकट से घिरे लोगों से यह बात छिपी नहीं है कि कौन उनकी मदद कर रहा और कौन राजनीति।
  • उज्‍जवल भविष्य की कामनाबना रहे सामूहिकता का भाव शीर्षक लेख में डॉ. विजय अग्रवाल ने कोरोना वायरस तथा उसके प्रभाव स्वरूप उपजाई जा रही नकारात्मक स्थितियों का आकलन किया है। हमें यह समझना होगा कि मनुष्य सामाजिक प्राणी है। समाज का अंत, उपन्यास का अंत, लेखक की मृत्यु, इतिहास का अंत अथवा ईश्वर की मृत्यु जैसी घोषणाएं निराशा से आक्रांत पाश्चात्य जगत में ही अधिक सामने आई हैं। भारतीय चिंतन तो सृष्टि के प्रत्येक जीव में सामूहिकता की भावना मानता है। सामूहिकता केवल एक भाव अथवा आवश्यकता ही नहीं है, यह एक सकारात्मक ऊर्जा है जिसके सहारे मानवता यहां तक पहुंची है। वैदिक चिंतन से अनुप्राणित भारत के प्रत्येक नागरिक के डीएनए में ही सामूहिकता है। यह जीवन की एक संरचना मात्र नहीं है, अपितु अपने आप में जीवन ही है। ऋग्वेद का अंतिम सूक्त सामूहिकता का आह्वान करता है-‘सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनासि जानताम्।’ कोरोना संकट स्थाई नहीं है। मानवता ने ऐसे अनेक संकट देखे हैं, उन पर विजय पाई है। गिरिधर के शब्दों में कहें तो-‘बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि लेय’ से प्रेरणा लेकर सुखद एवं उच्च्वल भविष्य की कामना करें।डॉ. वेदप्रकाश, हंसराज कॉलेज, दिल्लीलॉकडाउन की धज्जियां उड़ीं मय से नहलाना मेरी मैय्यत को, दफ्न करना मुङो मैखाने में। फिल्म अंधा कानून का यह संवाद हमारे देश के सुराप्रेमियों की छवि को स्पष्ट करता है। सरकार ने लॉकडाउन-3 में शराब की दुकानों को सुबह 10 से शाम 7 बजे तक खोलने की इजाज़त दी है। यह सुरा प्रेमियों के लिए बिना मांगे मुराद पूरी होने जैसी बात है। इन लोगों को न अपनी फिक्र है न अपनों की। राज्यों को शराब से एक मोटी रकम राजस्व के रूप में मिलती है। परंतु लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाकर देशभर में शराब की दुकानों पर बिना फिजिकल डिस्टेंसिंग की परवाह किए खरीददारी की जा रही है। एक तरफ सरकार बार-बार निवेदन कर रही हैं कि शारीरिक दूरी बनाकर दुकानों से सामान खरीदें। परंतु इस निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए ये सुराप्रेमी शराब की दुकानों पर टूट पड़ रहे हैं। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और यह लोग बहुत बड़ा अपराध कर रहे हैं। कितने शर्म की बात है कि जहां हजारों लोग दो वक्त का खाना प्राप्त करने के लिए तरस रहे हैं वहां शराब की दुकानों पर बेङिाझक खरीददारी हो रही है। सरकार का शराब की दुकानें खुलवाने का फैसला नुकसानदायक होगा। संकट की घड़ी में घरों पर रहना ही श्रेयस्कर है।कल्याण चटर्जी, कर्नलगंज, प्रयागराजसंयम, संघर्ष और सहयोग जरूरीइस समय समस्त विश्व कोरोना वायरस नामक महामारी के दौर से गुजर रहा हैं जो अति चिंताजनक है। यह महामारी समस्त जीव जगत की क्षति के रूप में उजागर हुई है। इस समय अपने देश में भी लॉकडाउन है। बावजूद इसके लोग इसका उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह सर्वविदित है कि इस वायरस को अधिक से अधिक घर पर रहकर ही नियंत्रण में किया जा सकता है लेकिन लोग बेवजह अपने खानपान और सैर-सपाटा पर संयम न रखकर इसको बढ़ा रहे हैं। इस महामारी से हमलोग संयम, संघर्ष और सहयोग की भावना से ही विजय पा सकते हैं। नंदिनी प्रजापति, टैगोर टाउन, प्रयागराज
  • भारत को नीचा दिखाने वाला सर्वेक्षण
  • क्या मैं अपनी तपिश और बढ़ाऊं तो राहत मिलेगी?
  • आर्थिक मुख्यधारा का हिस्सा बनें मजदूर
  • असफलता सफलता की ट्यूशन फीस है

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  • कोरोना संक्षिप्त
  • अस्थायी जेलों में पहुंचे 245 विदेशी जमाती
  • दूसरे चरण में रूस, यूक्रेन से लाए जाएंगे भारतीय
  • वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ का निधन
  • प्रवासी श्रमिकों को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ें
  • महाराष्ट्र में लगातार तीसरे दिन एक हजार से ज्यादा नए मामले
  • छह जुलाई से शुरू होगा विवि और कॉलेजों में नया सत्र
  • इस गांव के खून से समृद्ध एम्स का ब्लडबैंक

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  • सभी शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाने का भी मिलेगा प्रशिक्षण
  • पैकेज में हुई देरी तो बेरोजगारी की आएगी सुनामी: राहुल
  • देश बड़ी बेरोजगारी के मुहाने पर खड़ा
  • जापान ने मांगी कंपनियों के संचालन में मदद
  • जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक के बाद एक और बड़ा निवेश
  • राहत पैकेज के इंतजार में टूट रहा सब्र
  • शेयर बाजारों को रिलायंस का दम
  • अपना प्रदेश/राष्ट्रीय
  • टूटा था गेस्ट हाउस का दरवाजा, रातों में जागकर देते रहे हम पहरा
  • सूबे की एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी सहयोग देगा डेनमार्क

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  • आकाशवाणी व दूरदर्शन भी देंगे गिलगिट के मौसम की जानकारी
  • हरियाणा में तीस मुस्लिम परिवारों ने की हंिदूू धर्म में वापसी
  • वायुसेना, नौसेना व कोस्ट गार्ड के 37 हवाई अड्डों का होगा आधुनिकीकरण
  • 31 अगस्त तक आए ढांचा ध्वंस मामले पर फैसला
  • शराब की ऑनलाइन बिक्री पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट
  • पंजाब में खेतों में जा गिरा मिग-29, पायलट सुरक्षित
  • एनजीटी ने एलजी पॉलीमर्स पर ठोका 50 करोड़ जुर्माना
  • पाकिस्तान से जुड़ा मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बिल्ला समेत सात गिरफ्तार
  • भारतीय टीम के क्वारंटाइन को तैयार बीसीसीआइ

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  • स्वच्छता की आदतों से आधा हो सकता है संक्रमण का खतराकोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव में स्वच्छता की आदतों जैसे बार-बार हाथों को धोते रहने पर खासा जोर दिया जा रहा है। इन तरीकों से इस खतरनाक वायरस की रोकथाम में मदद मिल सकती है। अब एक अध्ययन ने भी पुष्टि की है कि स्वच्छता की इन आदतों को रोजाना अपनाने से सामान्य संक्रमणों के खतरे को 50 फीसद तक कम किया जा सकता है। इससे एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत भी 30 फीसद तक कम हो सकती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ इंफेक्शन कंट्रोल में प्रकाशित शोध पत्र के अनुसार, कोविड-19 के प्रसार पर अंकुश लगाने के वैश्विक प्रयास के तौर पर बार-बार हाथ धोने समेत स्वच्छता की आदतें हर किसी के जीवन का जरूरी हिस्सा बनती जा रही हैं। ये आदतें सामान्य संक्रमणों से बचाव में पहली रक्षा पंक्ति मानी जा रही हैं। इसलिए वैश्विक जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस) से होने वाली हजारों मौतों को कम करने की रणनीतिक योजनाओं में घरेलू और सामुदायिक स्वच्छता को शामिल करने की मांग कर रहे हैं। ग्लोबल हाइजीन काउंसिल की ओर से कराए गए इस अध्ययन से जाहिर होता है कि घरों और सामुदायिक तौर पर हाथों की स्वच्छता की आदतों से संक्रमणों की रोकथाम की जा सकती है। ’ एएनआइ।
  • हरिद्वार में गंगा में अस्थि विसर्जन के लिए मिली सशर्त अनुमति
  • वैदिक मंत्रों से गूंजा व्हाइट हाउस
  • तीसरे दिन सूंघने की शक्ति खो सकता है कोविड-19 रोगी
  • भले मर जाएं पर मुफ्तखोरी हमें मंजूर नहीं..
  • कोविड-19 से मुकाबले के लिए दो दवाओं के ट्रायल को मंजूरी
  • चीन से कोई बड़ी गलती हुई या फिर वह अक्षम है
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