40 वंदे भारत ट्रेनों के बेपटरी होते टेंडर उठा रहे कई सवाल

  • July 17, 2019

दीपक बहल ’ अंबाला

वंदे भारत एक्सप्रेस श्रृंखला की 40 नई ट्रेनों का निर्माण फिलहाल अधर में लटकता नजर आ रहा है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई में इन ट्रेनों का निर्माण होना था, लेकिन रेलवे बोर्ड ने सभी टेंडरों को रद कर दिया है। वंदेभारत एक्सप्रेस के अलावा रेलवे मेन लाइन इलेक्टिक मल्टीपुल यूनिट (मेमू) या इलेक्टिक मल्टीपुल यूनिट (ईएमयू) और एयरकंडीश ईएमयू के भी टेंडर रद कर दिए गए हैं। बताते हैं कि करीब तीन हजार करोड़ रुपये के टेंडर रद किए गए हैं।

पहले 40 रैक (ट्रेन) का टेंडर डाला गया, लेकिन जब बात सिरे नहीं चढ़ी, तो घटाकर 37 का कर दिया। लेकिन इसके बाद सभी निविदाओं (टेंडर) को रद कर दिया गया। अब कहा जा रहा है कि नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लिहाजा, नई गाड़ियों के पटरी पर उतरने में लंबा समय लगेगा। टेंडर रद करने के पीछे भले ही कई बातें सामने आईं, लेकिन रेलवे ने नई तकनीक को जोड़ने, पारदर्शिता आदि जैसे कारण बताए हैं।

बता दें कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। आइसीएफ ने वंदे भारत के दो रैक (ट्रेन) तैयार किए थे, जिसमें से एक नई दिल्ली-वाराणसी के बीच चल रही है, जबकि दूसरी को नई दिल्ली-कटरा के बीच चलाया जाना है। आइसीएफ ने 40 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के निर्माण के लिए टेंडर 15 मार्च 2019 को जारी किया था। इसमें भारतीय ही नहीं विदेशी कंपनियों ने भी भागीदारी की। लेकिन इनमें से महज एक टेंडर ही अलाट किया गया, जबकि 39 रैक का टेंडर अलाट नहीं किया गया। इसके बाद फिर से 37 रैक का टेंडर 10 जुलाई 2019 को जारी किया गया, लेकिन इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी टेंडरों को रद करने का लिखित आदेश जारी कर दिया। 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस मौजूदा राजधानी और शताब्दी के बेड़े की जगह लेंगी। एक ट्रेन के निर्माण पर 100 करोड़ रुपये की लागत आई है। बहरहाल, 40 ट्रेनों के निर्माण को लेकर सामने आई टेंडरिंग की यह आपाधापी कुछ बड़े सवाल भी खड़े कर रही है।

पहले जारी हुए, फिर संशोधित हुए, और फिर सभी रद कर दिए गए

’ करीब तीन हजार करोड़ रुपये के टेंडर किए गए हैं रद

’ पहले 40 ट्रेनें बनाने का टेंडर डाला और फिर 37 का, फिर सभी रद

एक माह बाद स्पष्ट होगी स्थिति : आइसीएफ

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के सीनियर पीआरओ जीवी वेंकटेशन ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस श्रृंखला की 40 नई ट्रेनों का टेंडर रद होने के मामले में एक माह बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होगी। जब उनसे पूछा गया कि पहले 40 और फिर 37 का टेंडर डाला गया और फिर सभी को रद कर दिया गया, इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं, तो उनका कहना था कि महाप्रबंधक ने बताया है कि अगस्त माह में स्थिति स्पष्ट होगी।